Monday, November 15, 2021

अश्वगंधा ( किंग ऑफ़ आयुर्वेद ), जानिए इसके चमत्कारिक फायदे ।

अश्वगंधा ( किंग ऑफ़ आयुर्वेद ), जानिए इसके चमत्कारिक फायदे ।



दोस्तों अपने कभी ना कभी अश्वगंधा का नाम जरुर सुना होगा,अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है ।इसका उल्लेख हजारो वर्षों से हमारे आयुर्वेदिक ग्रंथो में किया गया है, अश्वगंधा को किंग ऑफ़ आयुर्वेद भी कहा जाता है ।अश्वगंधा हमारे शरीर के लिए एक रामबाण औषधी है जो पूरे शरीर का कायापलट कर देती है ।अश्वगंधा का प्रयोग अनेक शारिरीक बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है, आयुर्वेद के अलावा आजकल अश्वगंधा का प्रयोग यूनानी, होम्योपैथीक और एलोपेथीक दवाओं मे भी किया जा रहा है ।

• अश्वगंधा का परिचय 
अश्वगंधा का बोटेनिकल नाम विथेनिया सोम्नीफेरा ( Withania Somnifera ) है। भारत के अलावा इसकी दूसरी प्रजातियाँ स्पेन, जॉर्डन, मिस्र, अफ्रीका, पकिस्तान और श्रीलंका मे भी पाई जाती है ।

भारत में अश्वगंधा मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यो में पाया जाता है, इन राज्यो में आजकल अश्वगंधा की खेती भी बड़ी मात्रा में की जाती है । औषधि के रूप में इसकी जड़ो का प्रयोग किया जाता है ।अश्वगंधा कई प्रकार की शारिरीक बीमारियों जैसे हाई कोलेस्ट्राल, हाई ब्लड प्रेशर, कैन्सर, डिप्रेशन, एंग्जायटी, शुगर, ऑर्थराईटीस, नपुसंकता, शारिरीक कमजोरी, त्वचा रोग और स्त्री रोगों में एक बेहतरीन औषधी के रुप में काम करता है ।

• अश्वगंधा के पौधे की पहचान 


अश्वगंधा एक द्विबीज पत्रीय पौधा है, इसका पौधा झाड़ीनुमा होता है, पौधे की उँचाई 1 फुट से 5 फुट तक हो सकती है ।इसकी पत्तियाँ गहरे हरे रंग की होती है, इसकी पत्तियाँ रोयेदार होती है, इसके फूल हरे-पीले तथा बलून की तरह अंदर से खोखले होते हैं।

जिसके अंदर लाल रंग के बारीक टमाटर जैसे फल होते हैं ।
तथा इसकी जड़े गाजर के अकार की सफेद होती है, जो लंबाई में 5 इंच से लेकर 12 इंच तक होती है यह पौधा आमतौर पर जंगल एवं झाडियों में पाया जाता है ।

• विभिन्न भाषाओं में अश्वगंधा के नाम 

• हिन्दी :  असगन्ध, अश्वगंधा, पुनीर, नागौरी अश्वगंधा ।
• इंग्लिश :  विंटर चेरी, ( winter cherry ),  Poisonous goose berry 
• संस्कृत : वराह कर्णि, वरदा, बलदा, कुष्ठगान्धीनि ।
• उड़िया : असुन्ध ।
• उर्दु : असगन्ध नागौरी ।
• कन्नड़ा : अमनगुरा , विरेम्ड्डालग्ड्ड़ी ।
• गुजराती  : असन्ध, घोड़ा सोडा, असोडा ।
• तमिल : चुवदिग , अम्मुकिरा ।
• तेलगु : पन्नरुगद्डा, अंड्रा ,अस्वगंध 
• बंगाली : अस्वगंधा 
• पंजाबी : असगन्ध 
• मलयालम : अम्मुकुरम 
• मराठी : असकन्ध 
• अरबी : तुख्मे हयात 
• फारसी : मेहरनान बरारी 

• विभिन्न रोगों में अश्वगंधा के फायदे
अश्वगंधा एक मल्टिपर्प्स टॉनिक है, जो हमारे जो हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाता है यह एक प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर है अश्वगंधा में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं अश्वगंधा एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल है आइए जानते हैं विभिन्न रोगों में अश्वगंधा के फायदे एवं प्रयोग।

• ह्रदय रोगों में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा हृदय रोगों में बहुत लाभकारी है खासकर हाई ब्लड प्रेशर हाई कोलेस्ट्रॉल को दूर करता है और ह्रदय को स्वस्थ्य बनाता है ।

• इम्यूनिटी बढाने में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा एक इम्यूनिटी बूस्टर टॉनिक है, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने का काम करता है, और दूसरे वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में शरीर की मदद करता है ।

• मधुमेह मे अश्वगंधा के फायदे 
मधुमेह ( शुगर ) का अश्वगंधा एक रामबाण ईलाज है, इसके नियमित सेवन से ब्लड मे शुगर का लेवल समान्य रहता है ।और बढी हुई शुगर कम हो जाती है।
                                                       
• पेट संबंधी रोगों में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा पेट संबंधित सभी रोगों जैसे- अपच, कब्ज, लीवर की समस्या आदि में भी उपयोग किया जाता है ।

• बालों के लिए अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा बालों की समस्या जैसे- बाल सफेद होना, रुखे और दोमुहे होना, बाल झड़ना, आदि समस्याओं से निजात दिलाता है,यह बालों को अंदरूनी रुप से मजबूत करके काला घना और लंबा बनाता है ।

• डिप्रेशन और एंक्जायटी में अश्वगंधा के फायदे 
डिप्रेशन और एंक्जायटी जैसे रोगों में अश्वगंधा सबसे ज्यादा कारगर साबित हुई है, इसके नियनियमित सेवन से डिप्रेशन,चिंता,अवसाद, मानसिक तनाव आदि रोगों से छुटकारा मिल जाता है । यह एंक्जायटी की समस्या मे सबसे बेहबेहतर परिणाम देती है, आजकल की भागदौड भरी  एवं तनाव भरी लाइफस्टाइल में यह एक सूपर टॉनिक का काम करती है ।

• कैन्सर में अश्वगंधा के फायदे 
कई अनुसंधान और रिचर्च मे यह साबित हुआ है की अश्वगंधा कैंसर सेल की बढ़ोत्तरी को रोकती है । और कीमोथेरेपी के बाद शरीर पर पड़ने वाले साईडइफ़ेक्ट को रोकती है ।यह कैंसर से लड़ने में रोगी को आंतरिक एवं मानसिक रूप से तैयार करती है ।

• ऑर्थराईटीस मे अश्वगंधा के फायदे 
ऑर्थराईटीस मे अश्वगंधा बहुत ज्यादा उपयोगी है, यह गठिया बाय जैसे रोगों में बहुत अच्छा परिणाम देती है और हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करती है ।

• त्वचा रोगों में अश्वगंधा के फायदे
त्वचा सम्बंधित सभी रोगों में अश्वगंधा काफी कारगर पाई गई है, इसमे एंटीफंगल प्रॉपर्टी पाई जाती है जो सभी प्रकार के त्वचा रोगों में फायदेमंद है ।और त्वचा रोगों को फैलने से रोकती है और उसे खत्म कर देती है ।

• शुक्राणुओं की कमी में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा उन रोगियों के लिए बेहतरीन ईलाज है जो शुक्राणुओं की कमी या शुक्राणुओं की अपरिपक्वता के कारण माँ बाप नही बन पाते है अश्वगंधा शुक्राणुओं कीसंख्या को बढ़ाती है और उन्हें मजबूत एवं गतिमान बनाती है । जिससे गर्भधारण की समस्या से छुटकारा मिल जाता है ।

• सेक्स पावर बढाने में अश्वगंधा के फायदे 
आज पूरे विश्व में अश्वगंधा को इंडियन जिन्सींग के नाम से जाना जाता है, और विदेशों मे में भी सेक्स पावर बढाने के लिए अश्वगंधा का भरपूर उपयोग किया जा रहा है । क्योंकि यह सेक्स पावर बढाने वाली अन्य रासायनिक दवाओं से बेहतर है  और शरीर पर इसके दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ते हैं ।

• ल्युकोरिया में अश्वगंधा के फायदे 
महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या ल्युकोरिया रोग में भी अश्वगंधा फायदेमंद साबित होता है, यह महिलाओं में होने वाले गुप्त रोगों में अच्छा परिणाम देती है ।

• आँख संबंधी रोगों में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा आँखो की ज्योती को बढाने का काम करता है और आँखों से जुड़ी बीमारियों में फायदेमंद है ।

• मोटापा दूर करने में अश्वगंधा के फायदे 
अश्वगंधा मोटापा दूर करने में सहायक है ।मोटापा दूर करने के लिए इसकी हरी पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कुछ ही समय में मोटापा समाप्त हो जाता है ।

• अश्वगंधा के नुकसान 
दोस्तों अश्वगंधा वैसे तो एक औयुर्वेदीक औषधी है जिसके शरीर पर कोई दुष्परिणाम नही होते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डायरिया की समस्या हो सकती है इसलिए इसका सेवन करते समय और्वेद चिकित्सक की सलाह जरुरी है ।



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