Monday, November 19, 2018

अभी नहीं तो कभी नहीं (motivational speech in hindi for business )

                        

                                              

       अभी नहीं तो कभी नहीं (motivational speech in hindi for                   business )

                 

        इस दुनिया में हर व्यक्ति के कुछ ना कुछ सपने होते है। की वह अपनी जिंदगी में क्या करना चाहता है। 
        अपने आप को किस मुकाम पर देखना चाहता है। क्या हासिल करना चाहता है। 
      
         और इसके लिए वह हमेशा प्रयास करता रहता है। अपने आप को उस मुकाम पर पहुँचाने के लिए। 
         अपने सपनो को साकार करने के लिये हम सबके मन में कुछ विचार या आइडिया आते है। 
         की मै किस क्षेत्र में काम करना चाहता हूँ, कौन सा व्यवसाय करना चाहता हूँ। या कुछ ऐसा काम जो 
         मुझे मेरे सपने तक पहुँचा दे। जैसे कोई संगीत में अपना कॅरियर ( Career ) बनाना चाहता है , तो कोई
         क्रिकेट ( Cricket ) में नाम कामना चाहता है। और कोई बहुत बड़ा बिजनेसमैन ( Businessman )
         बनाना चाहता है। इस दुनिया में हजारो लाखों लोगों के हजारो लाखों सपने या आइडिया होते है।

         पर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की इनमें से केवल 5 प्रतिशत लोग ही अपने सपने या लक्ष्य को
         प्राप्त कर पाते है। बाकी के 95 प्रतिशत लोग अपनी पूरी जिन्दगी अपने आइडिया या सपने को मन में
         लेकर जीते है और अपने मन में लेकर ही मर जाते है।

         उसे कभी भी अपने मन से निकालकर धरातल पर नहीं ला पाते है। आप ने कभी सोचा है ,ऐसा क्यों होता
         है। और उन 5 प्रतिशत लोगों ने ऐसा क्या किया जो वह अपने सपने को सफल बना पाए या उन 95 
         प्रतिशत लोगों ने क्या नहीं किया जो वह अपने सपने को दिल में लेकर ही इस दुनिया से चले गये।

         नहीं ! शायद हम में से किसी ने यह नहीं सोचा होगा। क्योकि हमें कभी यह अहसास ही नहीं हो पाता है।
         की हम अपनी आत्मा को दबा रहे है क्योकी हमारा सामाजिक जीवन ही इस प्रकार से बुना गया है की
         हम उन रूढ़िवादी परम्पराओं को कभी तोड़ ही नहीं पाते है। जो हमारी सफलता में बाधक है। हमारे
         समाज ने मनुष्य जीवन का कुछ ऐसा साचा सा बना रखा है। जिसके अनुसार हमें अपने को ढ़ालना ही
         पड़ता है। और अगर कोई उससे बाहर निकलना चाहता है तो समाज उसे स्वीकार नहीं करता है।

         इसके लिए अगर कोई सबसे ज्यादा जिम्मेदार है ,तो वह व्यक्ति खुद है। जो लोगो या समाज के या
         अन्य किसी डर के कारण कभी शुरुआत ही नहीं कर पाता है। दोस्तों यह जीवन का सबसे कड़वा सच है।
         की आप अगर कुछ हटकर नया करना चाहते है तो शुरुआत आपको अकेले ही करनी होगी। अकेले ही
         चलना होगा। शायद एक या दो लोग जो आपके बहुत ज्यादा शुभचिंतक या फिर करीबी है। आपका
         साथ दे सकते है। बस इससे ज्यादा की आपको उम्मीद नहीं रखनी होगी।

         क्योकि यह समाज कुछ इस तरह से बना है। की यह जब आप सफल हो जाएंगे ,कुछ करके दिखा देंगे
         तब हर व्यक्ति आप के साथ आ जायेगा। आपके विचार को स्वीकार कर लिया जायेगा। किन्तु इसके
         लिये शुरुआत तो आपको अकेले ही करना होगी।

             

         आज हम जितने भी सफल व्यक्तियों को देखते है ,जिनका बहुत बड़ा व्यापार है , बड़ी दुकान है , बड़ा
         कारखाना है ,बड़ी कंपनी है। तो आप पाएंगे उनमें से हर व्यक्ति ने अपने व्यापार की शुरुआत बहुत छोटे             रूप में वर्षो पहले की थी। या उनके दादा परदादा ने उस व्यवसाय की शुरुआत बहुत छोटे स्तर से की थी।
         और निरंतर प्रयास एवं कड़ी मेहनत के कारण वे आज इस मुकाम पर है। ऐसे कई उदाहरण आज हमारे
         सामने है।

         इसलिए हमें यह विचार अपने मन से निकालना होगा।,की मैं किसी काम को छोटे स्तर से चालू करता
         हूँ ,तो लोग मेरा मजाक उड़ाएँगे।  या मैं थोड़ा बेहतर होने का प्रयास करू , मैं थोड़ा और इन्तजार करू।
         कुछ लोग शुभ मोहरत का इन्तजार करते है। या अपनी कुण्डली में ग्रहो के चक्कर में फँस कर सही समय
         पर शुरुआत नहीं कर पाते है।

        साथियों ये निर्णय आप को करना है की आप क्या कर सकते है। अपनी क्षमता को आप को खुद पहचानना
        होगा। अगर आप को अपने आप पर विश्वास है। की आप किसी विशेष कार्य को पूरा कर सकते है , तो हर
        दिन ,हर महीना ,हर साल आपके लिये शुभ है। और अगर आप किसी कार्य को बिना मन के , केवल लोगों
        को दिखाने के लिये कर रहे है। तो आप कितना भी अच्छा मोहरत क्यूँ ना निकलवायें आपकी सफ़लता की
        कोई गारंटी नहीं है।

        मैं यह नहीं कहता की आप अपने धर्म के विपरीत हो जाइये या अपनी परम्पराये छोड़ दीजिए। मेरा
        तात्पर्य केवल इतना है ,की आप किसी अनचाहे डर को अपने आप पर इतना ना हावी होने दे। की वह
        आपकी सफ़लता में बाधक बन जाये।

       इसलिए दोस्तों अगर आप की कुछ योजनाएं है। तो एक अच्छा सा दिन देखकर जिस अवसर पर आप का
       दिल कहे। जिस भी इष्ट को आप मानते है उनका नाम लेकर पूजा -पाठ करके शुरुआत कर दीजिए। जब
       तक आप शुरुआत नहीं करेंगे तब तक आप को यह पता नहीं चलेगा की उस कार्य में क्या - क्या तकनीकी
       कठिनाइयाँ है। हो सकता है पहले कुछ दिन तक आपको लगे की आप असफल हो रहे हैं। या आप कुछ
       गलतियां कर रहे हैं। यही आपके सीखने की शुरुआत होगी।

       हम जब किसी व्यवसाय या व्यापार की योजना बनाते है। तो उसका आंकलन दूसरो के द्वारा किये गए
       कार्यो के आधार पर करते है। हमें लगता है की हमारी योजना बहुत बढ़िया है और उसमें कोई कमी नहीं
       है। हमारा यह विचार रहता है की हम इस व्यवसाय में इतना - इतना पैसा लगाएंगे और इतना कमाएंगे।
       किन्तु हमारे मन में सोची गई योजना और वास्तविक धरातल पर लागू योजना में काफी फर्क होता है।
       वास्तविक कठिनाइयों एवं समस्याओं का पता हमें कार्य चालू करने के पश्चात ही हो पाता है। तथा हमें
       उन कठिनाइयों को हल करते हुए आगे बढ़ना होता है।

       इसीलिये हम जितनी जल्दी शुरूआत करेंगे अपने प्रतिद्वन्दियों से उतने ही आगे रहेंगे। इसके अलावा
       यदि आप किसी अत्यन्त नये क्षेत्र में कार्य करने जा रहे है। और शुरुआत आप सबसे पहले कर देते है तो
       आप दूसरो के लिये एक रास्ता भी बनाकर चलते है। आपका अनुसरन करके ही अन्य लोग उस क्षेत्र में
       आते है। इस तरह आप उस विशेष क्षेत्र के लीडर बन जाते है। और उस क्षेत्र में टॉप पर रहते है।

       क्योंकि अगर आप सोच रहे है की आप के पास बहुत यूनिक आइडिया है। और वह  केवल आपके दिमाग
       की उपज है अन्य  कोई उस बारे में सोच भी नहीं पायेगा। और आप जब चाहे उस पर कार्य करें वह
       आइडिया केवल आप के पास ही रहेगा कोई दूसरा उस क्षेत्र में आप से पहले नहीं आ पाएगा। तो यह आपकी
       सबसे बड़ी भूल होगी। आज के प्रतिस्पर्धा भरे युग में हर व्यक्ति यूनिक आइडिया पर काम कर रहा है।
       आप के जैसी सोच हजारो लाखों लोगों की है। और आपके समान वह भी उस पर कार्य कर रहें है।

       अतः मेरी आप सभी को यही सलाह है की चाहे छोटी ही सही आप शुरुआत जल्दी करे। क्योंकि छोटे स्तर
       पर कार्य शुरू करने में रिस्क भी कम है और सीखने के लिये आपको समय भी मिल जायेगा। एक बार जब
       आप कार्य चालू कर देंगे तो आप देखेंगे आगे के रास्ते खुद ब खुद खुलते चले जा रहे है। और समस्याओं
       का हल भी आप आसानी से निकाल पा रहे है। इस प्रकार सारी बाधाओं को पार करके आप स्वतः सफलता
       के पथ पर आगे बढ़ते रहेंगे।


       इसके लिए आपको आज निर्णय लेना होगा। अभी निर्णय लेना होगा। अभी शुरुआत करनी होगी। 

       क्योंकि आप ने सुना होगा कल कभी नहीं आता इसलिए '' अभी नहीं तो कभी नहीं ''!

     

     

       


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