Sunday, October 21, 2018

सफलता के मूलमंत्र ( Success Mantra In Hindi )



 

       दुनिया में हर एक व्यक्ति सफल होना चाहता है। अपने एवं अपने परिवार को सुख समृद्धि से परिपूर्ण 
       देखना चाहता है। और अपने जीवन में निर्धारित किसी लक्ष्य को प्राप्त करना चाहता है। परन्तु 100
       में से केवल  5 व्यक्ति ही अपने जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त कर पाते है। बाकि के 95 लोग
       अपने लक्ष्य तक कभी नहीं पहुँच पाते है।

        तो क्या उन 5 प्रतिशत लोगों के पास सफलता का कोई विशेष मंत्र होता है। या फिर वो ऐसा क्या करते
        हैं , जो वो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं। और अन्य व्यक्ति नहीं कर पाते। एक समान
        परिस्थियों में रहने के बावजूद उनमें से कुछ लोग सफलता की ऊँचाइयो को छू लेते हैं ,एवं कुछ लोग
        निराशा एवं अवसाद के गर्त में चले जाते है। और कुछ अपना सारा जीवन साधारण तरीके से गुजार देते
        हैं।

        इस विषय पर गहन विचार एवं अध्ययन करने बाद ,हमने कुछ ऐसे सिद्धन्तों एवं नियमो की खोज की
        है। जिसका पालन करके हर व्यक्ति जीवन में सफलता एवं अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। और
        जिनका पालन सभी बड़े और सफल व्यक्ति द्वारा किया जाता है।

        1.  सकारात्मक सोच  ( Positive thinking ) :

         सफलता का सबसे पहला मंत्र या सिद्धांत है ,   " सकारात्मक एवं बड़ी सोच " जिस भी व्यक्ति का 
         किसी कार्य को देखने नजरिया Positive होता है ,जो हर समय अपने अन्दर सकारात्मक विचारों 
         को जगह देता है।  जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी समस्या में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता है। एवं 
         उन्हें हल करने की कोशिश करता है। दूसरो के प्रति अच्छा भाव रखता है। वह व्यक्ति बहुत जल्दी 
         सफलता को प्राप्त कर लेता है।

        2.  स्वस्थ्य दिनचर्या एवं अच्छा स्वास्थ्य  (Good health and good lifestyle ) :

          
          सफलता के लिए दूसरा सबसे बड़ा सिद्धान्त है , अच्छा स्वास्थ्य।  यह एक ऐसा विषय है, जिसे 
          ज्यादातर लोग अनदेखा कर देते है। किन्तु यह हमारी कामयाबी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 
          क्योंकि अगर आपके पास किसी बिज़नेस के लिए अच्छा आइडिया है ,पैसा भी है और जोश भी है। 
          किन्तु आपका स्वस्थ्य ठीक नहीं है या आपका शरीर साथ ना दे तो आप क्या करेंगे।  

          स्वास्थ्य एक ऐसी दौलत है जो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती है। और एक स्वस्थ्य शरीर के अन्दर 
          ही स्वस्थ्य मन का निवास होता है। सफलता एक या दो दिन में नहीं प्राप्त की जा सकती है। इसके 
          लिए लगातार प्रयास करना होता है। इसमें लम्बा समय भी लग सकता है। 
     
          और इस दौरान आपका शारारिक एवं  मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहना जरुरी है। इसलिए आप सबसे 
          पहले अपने आप से प्यार कीजिए। अपने खुश एवं स्वस्थ्य रखिये ,तभी आप अपने जीवन के लक्ष्य 
          को भी प्राप्त कर पाएंगे। 
       

                जरूर पढ़े : शंख का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व

         3.  समय का सदुपयोग  ( Time management ) :

           सफलता का तीसरा सिद्धान्त है ,समय का सदुपयोग। जो भी व्यक्ति अपने जीवन में समय का सही
           उपयोग करता है। तथा समय का प्रबन्धन करना जानता है ,वह सफलता को जल्दी प्राप्त कर सकता
           है। आजकल बड़ी -बड़ी कंपनिया Time management पर ज्यादा ध्यान दे रही है। और अपने उत्पादन
           में वृद्धि कर रही है।

           आज के दौर में मानव के लिए अगर सबसे अमूल्य कोई चीज है ,तो वह उसका समय है। कुछ लोग
          अपना सारा समय व्यर्थ के कामों में बीता देते है। वह जीवन में कभी सफलता नहीं प्राप्त कर पाते हैं।
          अगर आप में किसी कार्य को टालने या आलस्य दिखाने की प्रवृति है ,तो निश्चित ही आप अपने लक्ष्य
          को कभी प्राप्त नहीं कर पाएँगे।

          समय का पालन करने से आप के कार्यक्षेत्र में आपकी छवि बेहतर बनती है।  लोग आप पर विश्वास
          करते है। वे आपके साथ कार्य करना चाहते है। इसके विपरीत अगर आप अपने कार्य के प्रति लापरवाह
          है ,समय पर कार्य पूरा नहीं करते है। इससे आप की छवि ख़राब होती है। इसलिए अगर आप को अपने
          लक्ष्य को प्राप्त करना है। तो आपको समय का सही उपयोग करने की कला सीखनी होगी।

         4. अच्छे पारिवारिक एवं सामाजिक रिश्ते  ( Good relationship ) : 

          यदि आपके पास बहुत पैसा है। किन्तु आपके पारिवारिक एवं सामाजिक रिश्ते ठीक नहीं है ,या उनमें 
          तनाव है। तो वह पैसा आपके किसी काम का नहीं। हम अपने जीवन में अनेक प्रकार रिश्तों में बँधे हुए 
          होते है। हर इंसान को कुछ रिश्ते सारी उम्र निभाना पड़ता है। या यूँ कहे वो रिश्ते हमारे जीवन का 
          अभिन्न अंग होते है। हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक रिश्तों का यह सफर चलता रहता है। इसीलिये 
          किसी भी सफल व्यक्ति के लिए रिश्तों का विशेष महत्व है। 

          अगर आप सफल है। तो यह सूचित करता है की आपके अपने परिवार और समाज में भी अच्छे रिश्ते 
          या Relationship हैं। तभी आप सफल है। अन्यथा यह आपकी सफलता में कहीं ना कहीं बाधक जरूर 
          बन सकते है। हम सभी ने कुछ कहावतें कितनी बार सुनी होंगी जो इन रिश्तों के महत्व को ही  अच्छी 
          तरह से परिभाषित करती है। 

          जैसे - " हर सफल व्यक्ति के पीछे किसी महिला का हाथ होता है। " या " मेरी सफलता में उस व्यक्ति 
          का बहुत योगदान है "
         
          सरल  भाषा में कहा जाय तो हमारी सफलता या असफलता के पीछे हमारे रिश्तों का विशेष महत्व है। 

        4.  व्यापारिक एवं पारिवारिक खर्चों का हिसाब रखना  ( Accounting ) :

       
         पाँचवा और आखिरी मन्त्र जो आपकी सफलता के लिए बहुत ज्यादा जरुरी है। वह है ,अपने खर्चो 
         का एवं आय का हिसाब रखना। 

         दोस्तों अगर हम अपने जीवन में कोई बड़ा व्यापार या संगठन खड़ा करना चाहते है। अपनी खुद की 
         कम्पनी का मालिक बनना चाहते है या अपने छोटे व्यवसाय को बड़ा रूप देना चाहते है। तो यह तभी 
         संभव है। जब पहले दिन से ही हम अपनी आवक - जावक का अर्थात आय और व्यय का लिखित 
         हिसाब रखेंगे। इसके बिना आप कुछ समझ ही नहीं पाएंगे क्या कमाया और क्या खर्च किया। व्यापार 
         में लाभ हुआ या हानि। 
         Accounting का विषय बहुत महत्वपूर्ण है। बड़ी -बड़ी कम्पनियो में इसके लिये एक पूरा विभाग अलग 
         से होता है। आप सोचेंगे मेरे व्यवसाय की तो अभी शुरुआत हुई है या मेरा व्यवसाय तो बहुत छोटा है। 
         और उसके आय और व्यय का हिसाब में मुँहजबानी याद रख सकता हूँ। उसे लिखने की क्या जरुरत है। 

         लेकिन मित्रों भले आप की चाय की दुकान या आप महिला है और घर पर कपड़े सिलती है। या आप 
         एक किसान है। हर एक व्यक्ति को अपने पारिवारिक और व्यापारिक खर्चो का हिसाब रखने की आदत 
         डालनी चाहिये। तभी आप भविष्य की योजनाए बना पाएंगे और आगे बढ़ पाएंगे। 
        
         अगर आप का व्यवसाय छोटा है तो आप एक छोटी नोटबुक या डायरी में अपने दैनिक खर्चो और आय 
         का हिसाब रखे। और माह के अंत में तथा वर्ष के अंत में उसका अध्ययन करे। यह सबसे सही तरीका है। 
         इससे आपको अपने व्यापार के लिए नई योजनाए बनाने में मदद मिलती है। और आप  कहाँ पर 
         अनावश्यक खर्च कर रहे है , पता चलता है। तथा आप किन खर्चो में कटौती करके नई योजनाओ के 
         लिए पैसे की व्यवस्था कर सकते है। लगातार एक वर्ष तक हिसाब रखने पर ही आपको पता चल जायेगा 
         की आपके घर खर्चो के लिए आप को मासिक कितने रुपयों की जरुरत पड़ती है। 

         मौखिक रूप से आप ज्यादा से ज्यादा तीन या चार दिन तक का हिसाब याद रख सकते है इससे ज्यादा 
         नहीं। चाहे आपकी याददाश्त कितनी भी अच्छी हो। 

         इसलिए अगर आप को सफलता प्राप्त करना है तो आप को  Accounting की आदत डालनी ही पड़ेगी। 


         इस तरह इन नियमों का पालन करके आप सफलता को प्राप्त कर सकते है। 
          

   
        

        

1 comment:

  1. aapne safalta ke jo yah charon mantr bataye hain vah sabhi bahut hi badhiya hai ummed hai isse har insanon ko jivan me successful banne me madad milegi

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