Sunday, October 14, 2018

सफलता के सूत्र हिंदी (success mantra in hindi)


       
 

     सफलता के सूत्र हिंदी (success mantra in hindi)

       जी हाँ , दोस्तों हम अपनी सफलता या असफलता के पीछे कई कारण गिनाते हैं। या यूँ कहे बहाने 
       गिनाते हैं। जैसे -
  •         मुझे अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाई। 
  •        मेरी गरीबी मेरी असफलता का कारण है। 
  •         मेरा धर्म या जाति मेरी सफलता  में बाधक है। 
  •        मेरी हाइट अच्छी नहीं है। 
  •         मेरा रँग काला है। 
  •         में एक महिला हूँ , क्या कर सकती हूँ। 
  •         मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता। 
  •         मेरी किस्मत अच्छी नहीं है। 
  •        मैं कई बार असफल हो चुका हूँ। आदि 
      दोस्तों इन कारणों की लिस्ट बहुत लंबी है। पर क्या आपको पता है, आपकी सफलता या असफलता
      के पीछे इनमें से एक भी कारण जिम्मेदार नहीं है। ये केवल और केवल बहाने हैं। इसके अलावा कुछ
      नहीं है।

     अगर हमारी सफलता या असफलता के के लिए कोई चीज सच में जिम्मेदार है , तो वो है आपकी  सोच
      कैसी है।
           

       1. सकारात्मक   ( positive )     या     2. नकारात्मक    ( negative )

    
      जी हाँ ! दोस्तों केवल ये 2 चीजें ही हम में से हर एक को जीवन में ऊँचाइयो पर या जमीन पर लाने 
      में अहम भूमिका निभाती है।दुनिया में आज जो भी बड़े - बड़े लोग है उनकी बड़ी और   positive
      सोच ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। 
      केवल उनकी बड़ी सोच, बड़ा लक्ष्य, बड़ा सपना ही उन्हें सफलता की नई ऊँचाइयो पर पहुंचा पाया 
      है। 
      दोस्तों हर व्यक्ति के जीवन में कुछ ना कुछ समस्याये ,कठिनाइयाँ या परेशानिया रहती है। अगर 
      आप ढूँढने निकले तो आपको ऐसा एक भी व्यक्ति इस पृथ्वी पर नहीं मिलेगा जिसके जीवन में कोई 
      समस्या या कठिनाई ना हो। अब यह आप पर निर्भर करता है की आप उन परिस्थितियों को हराकर 
      अपने लिए अच्छी परिस्थितियों का निर्माण कैसे करते हैं। 
      इसके लिये सबसे जरुरी है ,की आपकी सोच सकारात्मक (positive) हो। आपके विचार उच्च हो। 
      आपका सपना बड़ा हो। आपका लक्ष्य (Goal) इतना बड़ा हो, की उसके आगे हर समस्या छोटी लगे। 

      दोस्तों इस दुनिया में हर व्यक्ति के अन्दर ये दोनों प्रकार के विचार पाये जाते हैं। चाहे वो बड़ा इंसान 
      हो या गरीब। 

      1. सकारात्मकता (Positive thinking)   2 . नकारात्मकता ( Negative thinking )

      अब आप इनमें से किसे ऊपर रखते हैं ,अच्छे विचारों  को या बुरे विचारों को। अगर आपको जीवन में 
      कुछ बड़ा करना है ,तो आपको हमेशा positive सोच ही रखना होगा। 

      अपना नजरिया हमेशा  Positive रखें। 

     इसके लिये आपको अपने आस - पास सकारात्मक माहौल बनाना होगा। बुरे विचारों को मन से    
     निकालकर बाहर फेंकना होगा। अपने आप से ये शब्द कहना होगा   
     
     1.   आपके जीवन में जो भी घटनाएँ घटी हैं ,या जो कुछ भी अतीत में हुआ है।  वह आपके अच्छे 
      के लिये ही हुआ है। ईश्वर ने जो किया है आपके अच्छे के लिए ही किया है। 
      2.  आपके साथ वर्तमान में जो हो रहा है , आपके अच्छे के लिये ही हो रहा है। 
      3.  भविष्य में जो आपके साथ होगा अच्छा ही होगा। ईश्वर आपको सही रास्ते पर ले जाएंगे। 

     इस तरह आपको अपने भूत,भविष्य और वर्तमान को सकारात्मक दृष्टि से देखना होगा। 
     आप देखेंगे जैसे - जैसे आप अपने अन्दर अच्छे विचारों को जगह दे रहे हैं , आपके आस - पास का 
     माहौल बदल रहा है। आपकी कठिनाईयाँ परेशानिया छोटी होती चली जा रही  हैं। आपकी जिन्दगी में 
     बहुत तेजी से बदलाव आ रहा है। और आगे के रास्ते खुद ब खुद खुलते चले जा रहे हैं। आपका जीवन 
    स्तर सुधर रहा है ,आपके  सामाजिक  रिश्ते अच्छे बन रहे हैं। आप अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी से 
    निभा पा रहे हैं। आपके परिवार में खुशहाली बड़ रही है। आपका आर्थिक स्तर ऊँचा हो रहा है। सब कुछ 
    अपने आप आपको हासिल हो रहा है। 
   
    जी हाँ ! दोस्तों आपकी जिन्दगी में ये मायने नहीं रखता की आप गरीब हैं या अमीर ,आपने अच्छी 
    शिक्षा प्राप्त की या नहीं , आपका रंग गोरा है या काला , आपकी हाइट ऊँची है या नीची ,आप स्त्री है 
    या पुरुष ,आपकी उम्र कम है या ज्यादा ,आपका धर्म या जाति क्या है। 

    अगर कोई चीज़ मायने रखती है तो वो है आपकी सोच !
    अगर आपकी सोच बड़ी और अच्छी है तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। 
    और अगर आपकी सोच छोटी और गलत है ,तो आपको असफल होने से कोई नहीं रोक सकता। 
    इसलिए दोस्तों मेरा आप सभी से यही अनुरोध है ,की अपनी जिन्दगी को सकारात्मक (Positive )
    तरीके से जिये। और सफ़लता की नई ऊंचाईयों को छुये। 



     
     

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